
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने देशभर में अपनी ब्रांच बैंकिंग सेवाओं और ग्राहक अनुभव को मजबूत करने के लिए एक बड़े भर्ती अभियान की घोषणा की है। बैंक ने हाल ही में 5,783 जूनियर एसोसिएट्स की नियुक्ति की है। यह रणनीतिक कदम बैंक के उस बड़े विजन का हिस्सा है, जिसके तहत अगले पांच से छह वर्षों में कुल कारोबार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।
एसबीआई ने हाल ही में कितने कर्मचारियों की नियुक्ति की है?
एसबीआई ने देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5,783 जूनियर एसोसिएट्स की नियुक्ति की है। अगर चालू वित्त वर्ष के समग्र आंकड़ों की बात करें, तो बैंक ने विभिन्न भूमिकाओं और ग्रेड में 18,000 से अधिक नए कर्मचारियों को अपने साथ जोड़ा है, जो हाल के वर्षों में बैंक के सबसे बड़े और व्यापक टैलेंट इंडक्शन ड्राइव (प्रतिभा चयन अभियान) में से एक है।
इस भर्ती प्रक्रिया में कितनी प्रतिस्पर्धा थी और चयन कैसे हुआ?
इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों के बीच भारी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। कुल 9,00,771 उम्मीदवारों ने इन पदों के लिए आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया के तहत, सितंबर 2025 में हुई प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर 1,20,006 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिन्होंने नवंबर 2025 में आयोजित मुख्य परीक्षा में हिस्सा लिया था।
भविष्य में रोजगार सृजन को लेकर बैंक की क्या योजनाएं हैं?
एसबीआई के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने स्पष्ट किया है कि बैंक अपनी विकास यात्रा को शक्ति प्रदान करने के लिए हर साल लगभग 16,000 कर्मचारियों को नियुक्त करने का इरादा रखता है। इसका मुख्य उद्देश्य एक ‘भविष्य के लिए तैयार’ और डिजिटल रूप से कुशल कार्यबल का निर्माण करना है।
इन नई नियुक्तियों के पीछे बैंक का मुख्य व्यावसायिक उद्देश्य क्या है?
इस बड़े पैमाने की भर्ती का मुख्य फोकस बैंक की फ्रंटलाइन क्षमताओं को मजबूत करना और राष्ट्रव्यापी स्तर पर ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाना है। चेयरमैन के अनुसार, नई प्रतिभाओं को शामिल करने की यह पहल बैंक की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत ग्राहकों को तकनीक-आधारित, भरोसेमंद और सुसंगत बैंकिंग अनुभव प्रदान किया जाना है।
कारोबार विस्तार के लिहाज से एसबीआई का अगला वित्तीय लक्ष्य क्या है?
जवाब: एसबीआई अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए एक स्पष्ट और आक्रामक रणनीति पर काम कर रहा है। बैंक का लक्ष्य अगले पांच से छह वर्षों के भीतर अपने कुल कारोबार को दोगुना करके 200 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इसी महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंक नियमित रूप से बड़े पैमाने पर कार्यबल का विस्तार कर रहा है।कुल मिलाकर, एसबीआई का यह बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान केवल नए रोजगार पैदा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बैंक की दूरगामी रणनीतिक और विस्तार योजना का एक अहम हिस्सा है। अपने व्यापक शाखा नेटवर्क के माध्यम से ग्राहकों को उच्च स्तरीय सेवाएं देने और अगली पीढ़ी के बैंकिंग पेशेवरों को तैयार करने के लिए एसबीआई लगातार अपने कार्यबल को मजबूत कर रहा है। यह कदम भारतीय बैंकिंग सेक्टर की मजबूती और रोजगार बाजार, दोनों के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है।
