बारामती विमान हादसे के बाद केंद्र सख्त, 400 से अधिक अनियंत्रित हवाई पट्टियों की जांच के आदेश

0
8

बारामती। बारामती में हुए विमान हादसे (Baramati plane crash) के बाद सरकार ऐक्शन मोड में आ गई है। देशभर की 400 से ज्यादा अनियंत्रित हवाई पट्टियों (Uncontrolled Airstrips) को लेकर व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य इन हवाई पट्टियों के लिए एकीकृत नियम बनाना है, जिसकी निगरानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और राज्य सरकारें मिलकर करेंगी। जांच के दौरान हवाई पट्टियों के इन्फ्रास्ट्रक्चर, संचार सुविधाओं, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों का आकलन किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि स्थानीय प्रशासन के साथ हवाई पट्टी का प्रबंधन करने वाले किस तरह का समन्वय बनाए रखते हैं। 28 जनवरी को बारामती में हुए प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद DGCA ने देशभर के एयरपोर्ट्स और हवाई पट्टियों पर सेफ्टी प्रोटोकॉल्स को सख्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन अनियंत्रित हवाई पट्टियों पर आमतौर पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल की सुविधा नहीं होती। ये हवाई पट्टियां या तो राज्य सरकारों के अधीन हैं या फ्लाइट ट्रेनिंग संस्थानों और निजी संचालकों द्वारा संचालित की जाती हैं। देश में मौजूद 400 से अधिक ऐसी हवाई पट्टियां फिलहाल DGCA के सीधे नियमन से बाहर हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से चार्टर विमानों, राजनीतिक दलों और फ्लाइंग स्कूलों द्वारा किया जाता है। हालांकि, इन पट्टियों पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी पाई जाती है।

 

10 से 15 दिन में ठीक होते

डॉक्टरों के अनुसार इन बीमारियों से ठीक होने में 10 से 15 दिन तक का समय लग रहा है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। उन्होंने लोगों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

 

अजित पवार की मौत को लेकर उठे सवाल
इस बीच, एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने अजित पवार की मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना को लेकर कई सवाल हैं और वह 10 फरवरी को मुंबई में एक विस्तृत प्रस्तुति देंगे। बारामती में जिला परिषद चुनाव के दौरान वोट डालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार चाहते थे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुट एकजुट हों और इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। रोहित पवार ने कहा, “हर किसी के मन में इस दुर्घटना को लेकर सवाल और संदेह हैं। दुर्घटना क्यों हुई और कैसे हुई, इन सभी पहलुओं को 10 फरवरी को सामने रखा जाएगा।”
 

Previous article‘पैसे दे, वरना यहीं ढेर कर देंगे,’ मुंह में पिस्टल डाल बिजमेसमैन से 20 लाख वसूले
Next articleSIR: आज खत्म हो रही समयसीमा, 17 फरवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
News Desk