मतदान करने के साथ ही बोले यूनुस आज आजादी जैसा दिन

0
13

ढाका। बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए गुरुवार सुबह मतदान शुरु हो गया। मताधिकार का उपयोग करने के साथ ही अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इसे देश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा, आज पूरे बांग्लादेश के लिए खुशी और आजादी जैसा दिन है। यह हमारे बुरे सपने का अंत और एक नए सपने की शुरुआत है।
दरअसल बांग्लादेश की 300 सदस्यीय संसद में से 299 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, जबकि शेरपुर-3 सीट पर एक उम्मीदवार के निधन के बाद चुनाव रद्द कर दिया गया है। इस बार 51 राजनीतिक दल चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी के बीच माना जा रहा है।
चुनाव में करीब 12 करोड़ 77 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ प्रणाली के तहत हो रहे इस मतदान में युवाओं की भूमिका अहम मानी जा रही है। लगभग आधे मतदाता 18 से 37 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जिनमें करीब 45.7 लाख मतदाता पहली बार वोट डाल रहे हैं।
यहां मोहम्मद यूनुस ने मतदान के बाद इसे देश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। वोट डालने के बाद उन्होंने कहा, आज पूरे बांग्लादेश के लिए खुशी और आजादी जैसा दिन है। यह हमारे बुरे सपने का अंत और एक नए सपने की शुरुआत है। हमें हर स्तर पर मिलकर नया बांग्लादेश बनाना है। उन्होंने नागरिकों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की और सभी को “ईद मुबारक” कहा।
रहमान बोले- आज लोगों को अपने अधिकार वापस मिले
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी को सत्ता का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि बीएनपी को बहुमत मिलता है तो खालिदा जिया के बेटे और पार्टी प्रमुख तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। ऐसे में दो सीटों (ढाका-17 और बोगरा-6) से चुनाव लड़ रहे तारिक रहमान ने मतदान के बाद कहा कि देश के लोग लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। आज लोगों को अपने अधिकार वापस मिले हैं। अगर लोग बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचते हैं, तो किसी भी साजिश को नाकाम किया जा सकता है। अपनी संभावित जीत पर भरोसा जताते हुए रहमान ने कहा कि यदि वे चुने जाते हैं तो देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारना उनकी प्राथमिकता होगी।
हालांकि मतदान से एक रात पहले देश के कुछ हिस्सों से अप्रिय घटनाओं की खबरें भी सामने आईं, लेकिन चुनाव आयोग और प्रशासन ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान का भरोसा दिलाया है। बांग्लादेश की राजनीति के लिए यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है, जिसमें युवाओं की भागीदारी और सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Previous articleनिजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम, किताब-कॉपी और ड्रेस खरीदनें पर बड़ा फैसला, पैरेंट्स को राहत
Next article पीएम मोदी और शाह से मिली सुनेत्रा पवार……..शरद गुट के साथ विलीनीकरण का मुद्दा ठड़े बस्ते में 
News Desk