आपने ट्रेन के इंजन में इस हैंडल को तो देखा ही होगा इस हैंडल को देखने के बाद लोगों के दिमाग में सवाल आते हैं कि इस हैंडल से होता क्या है? क्या इससे ट्रेन को मोड़ते है?

आपको बता दूँ कि इस हैंडल से ही ट्रेन चलती है। एक तरह से आप इसको ट्रेन का स्पीड कंट्रोलर बोल सकते हो।

दोस्तों जब भी लोको पायलट इसको एक बार घूमता है तो ट्रेन इंजन के मोटर में करंट जाता है जिससे ट्रेन चलने लगती है।

इसी तरह से इस को बार बार घुमाने पर जो करंट जा रहा होता है मोटर में वो बढता जाता है और ट्रेन स्पीड पकड़ने लगती है।

जब ट्रेन की स्पीड को काम करना होता है तो भैया इसको वापस घुमा दिया जाता है तो जो मोटर में करंट होता है उसकी वेल्यू भी कम होने लगती है।

ये कंट्रोलर पुराने इंजन में होता था, जैसे WAG-5, WAG-7 और WAP-4 नए इंजन में कंट्रोलर लीवर टाइप का आता है जैसा एरोप्लेन में होता है।