चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, तीन तरीकों से घर बैठे कराएं पंजीकरण

0
2

देहरादून । उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।  चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु अब घर बैठे मोबाइल, कंप्यूटर, मोबाइल एप या वॉट्सएप के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। इस बार रजिस्ट्रेशन सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य किया गया है, ताकि प्रशासन यात्रियों की संख्या, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को सुचारू रूप से संभाल सके। इस साल यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 से हो रही है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट इसी दिन श्रद्धालुओं के लिए खुलने है। जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलने है। 
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन तीन तरीकों से होगा है। पहला, उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट पर जाकर अकाउंट बनाना और यात्रा की जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन स्लिप डाउनलोड करना। दूसरा, टूरिस्ट केयर उत्तराखंड मोबाइल एप के जरिए अकाउंट बनाने के बाद यात्रा विवरण भरकर यात्रा पास डाउनलोड करना। तीसरा, वॉट्सएप के माध्यम से रजिस्ट्रेशन: 8394833833 पर “यात्रा” मैसेज भेजने के बाद चैटबॉट आवश्यक जानकारी लेकर रजिस्ट्रेशन पूरा करता है। उन यात्रियों के लिए जिन्होंने इंटरनेट की सुविधा नहीं है, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित कई प्रमुख स्थानों पर बायोमैट्रिक रजिस्ट्रेशन काउंटर लगाए जाएंगे। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 17 अप्रैल से होगी।
उत्तराखंड सरकार ने यात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 0135-1364 भी जारी किया है। इस नंबर पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, यात्रा मार्ग, व्यवस्थाओं और अन्य जरूरी जानकारी की सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इस साल बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलने वाले है। यह तिथि नरेंद्रनगर राजदरबार में पंचांग गणना के बाद तय की गई। चमौली के बद्रीनाथ धाम के कपाट पिछले वर्ष की तुलना में 11 दिन पहले खुल रहे हैं। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर विधि-विधान के साथ भक्तों के लिए खोले जाएंगे। इस तरह, श्रद्धालु अब आसानी से ऑनलाइन पंजीकरण कर सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा का आनंद ले सकते हैं। यात्रा में शामिल होने से पहले रजिस्ट्रेशन और हेल्पलाइन की जानकारी अवश्य प्राप्त करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

Previous articleवन रक्षक भर्ती पर विवाद, आरक्षण रोस्टर का पालन न होने पर विज्ञापन वापस
Next articleUPSC में खंडवा की रूपल का कमाल, सिविल सेवा परीक्षा में हासिल की बड़ी सफलता
News Desk